यूं तो बातों का सिलसिला
बोहोत देर तक चलता रहा
लेकिन हमारे रूह
कुछ ख़ामोश से थे
शायद उन खामोशियों
में ही हम
एक दूजे को खोजने की
कोशिश कर रहे थे
बोहोत देर तक चलता रहा
लेकिन हमारे रूह
कुछ ख़ामोश से थे
शायद उन खामोशियों
में ही हम
एक दूजे को खोजने की
कोशिश कर रहे थे